ब्रिटेन के नॉर्दर्न आयरलैंड में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। नॉर्दर्न आयरलैंड अब यूनाइटेड किंगडम का पहला क्षेत्र बनने जा रहा है, जहां लर्नर ड्राइवर्स के लिए ग्रेजुएटेड ड्राइविंग लाइसेंस (Graduated Driver Licensing – GDL) प्रणाली लागू की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य नए और अनुभवहीन ड्राइवरों के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
सरकारी घोषणा के अनुसार, यह नई प्रणाली खासतौर पर युवा और नए ड्राइवरों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। आंकड़ों के मुताबिक, ड्राइविंग शुरू करने के शुरुआती महीनों में दुर्घटनाओं का जोखिम सबसे ज्यादा होता है। इसी खतरे को कम करने के लिए सरकार ने यह सख्त लेकिन आवश्यक कदम उठाया है।
क्या है ग्रेजुएटेड ड्राइविंग लाइसेंस?
ग्रेजुएटेड ड्राइविंग लाइसेंस एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें नए ड्राइवरों को पूरी आज़ादी धीरे-धीरे दी जाती है। यानी ड्राइविंग सीखने और लाइसेंस मिलने के बाद भी कुछ समय तक उन पर खास नियम और प्रतिबंध लागू रहते हैं। जैसे-जैसे ड्राइवर का अनुभव बढ़ता है, वैसे-वैसे ये पाबंदियां हटती जाती हैं।
नए नियमों में क्या बदलाव होंगे?
नई व्यवस्था के तहत:
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नए ड्राइवरों को रात के समय गाड़ी चलाने पर सीमाएं लग सकती हैं।
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शुरुआती अवधि में कार में यात्रियों की संख्या सीमित की जा सकती है, खासतौर पर युवा यात्रियों पर।
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शराब या नशे को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा सकती है।
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तेज रफ्तार और जोखिम भरे ड्राइविंग व्यवहार पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
इन नियमों का मकसद ड्राइवरों को अनुशासित बनाना और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग की आदत डालना है।

सरकार और विशेषज्ञों की राय
नॉर्दर्न आयरलैंड सरकार का कहना है कि यह फैसला जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ भी इस कदम का समर्थन कर रहे हैं। उनका मानना है कि दुनिया के कई देशों में ग्रेजुएटेड ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली पहले से लागू है और वहां दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी देखी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि युवा ड्राइवर अक्सर अनुभव की कमी के कारण जोखिम भरे फैसले लेते हैं। इस नई व्यवस्था से उन्हें सीखने का समय मिलेगा और वे धीरे-धीरे जिम्मेदार ड्राइवर बन सकेंगे।
जनता की प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। कुछ लोग इसे बेहद जरूरी और समय की मांग बता रहे हैं, वहीं कुछ युवा ड्राइवरों का कहना है कि इससे उनकी स्वतंत्रता सीमित हो जाएगी। हालांकि, अधिकतर अभिभावक और सड़क सुरक्षा से जुड़े संगठन इस कदम को सकारात्मक मान रहे हैं।
भविष्य में क्या होगा?
नॉर्दर्न आयरलैंड में इस प्रणाली के लागू होने के बाद बाकी यूके के हिस्सों में भी इसे अपनाने पर विचार किया जा सकता है। अगर यह योजना सफल साबित होती है और दुर्घटनाओं में कमी आती है, तो यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती है।
कुल मिलाकर, यह बदलाव नॉर्दर्न आयरलैंड में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इसके प्रभाव और परिणामों पर सबकी नजर बनी रहेगी।









