आज के ताज़ा डेटा के अनुसार U.S. consumer confidence index (उपभोक्ता आत्मविश्वास) जनवरी 2026 में 12 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। यह बताता है कि आम लोग भविष्य के बारे में असुरक्षित हैं – खासकर नौकरी, आय और खर्च को लेकर।
उपभोक्ताओं का एक बड़ा हिस्सा अब कह रहा है कि नौकरियाँ कम उपलब्ध हैं और रोजगार की शर्तें कठिन हैं।
– “Jobs plentiful” का आंकड़ा गिर रहा है और बेरोज़गारी को लेकर चिंता बढ़ रही है। यह मंदी के एक प्रमुख संकेत है — जब रोजगार कम होता है, तो खर्च और निवेश भी गिरने लगता है।
कुछ रिपोर्टों में GDP (आर्थिक वृद्धि) अभी भी बढ़ रहा है, लेकिन यह सिर्फ अमीर वर्ग पर आधारित है, जबकि मध्यम और निचले आय वर्ग खर्च कम कर रहे हैं। इससे संपूर्ण अर्थव्यवस्था का संतुलन बिगड़ सकता है। अगर सिर्फ कुछ वर्ग खर्च करें और बाकी घटाएँ, तो वृद्धि स्थायी नहीं रहती।
महंगाई अभी भी लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है और यह उपभोक्ता की क्रय क्षमता को कम कर रही है। इससे मांग (Demand) कम हो सकती है। महंगाई बढ़े और मजदूरी धीमी रहे, तो लोगों का खर्च घटेगा — मंदी की ओर संकेत।
बिजनेस निवेश कम हुआ है क्योंकि कंपनियाँ भविष्य के बारे में अनिश्चित हैं — वे खर्च, विस्तार या नौकरियाँ बढ़ाने से पहले “देखती” हैं। जब बिजनेस निवेश रुकता है, अर्थव्यवस्था ठहरती है और मंदी का जोखिम बढ़ता है।
बहुत से संकेत मिल रहे हैं कि अगर आगे भी आर्थिक दबाव जारी रहे, तो मंदी की ओर जाने की संभावना तेज़ हो सकती है।









