सोशल मीडिया के जरिए लोगों को बनाया शिकार

तेलंगाना की राजधानी Hyderabad में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने निवेशकों और आम लोगों को सतर्क कर दिया है। आरोप है कि कुछ साइबर ठगों ने नकली शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए कई लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये से ज्या

दा की ठगी कर ली। इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।

कैसे शुरू हुई ठगी की साजिश

पुलिस के अनुसार, ठगों ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों से संपर्क करना शुरू किया। उन्होंने खुद को पेशेवर निवेश सलाहकार और स्टॉक मार्केट एक्सपर्ट बताकर लोगों का भरोसा जीता। इसके लिए उन्होंने कई फर्जी वेबसाइट और मोबाइल ऐप भी बनाए, जिनमें निवेश करने पर कम समय में भारी मुनाफे का दावा किया जाता था।

ठगों ने लोगों को बताया कि वे शेयर मार्केट में विशेष जानकारी रखते हैं और उनके पास ऐसे “इनसाइड टिप्स” हैं जिनसे निवेशक बहुत जल्दी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। शुरुआत में उन्होंने निवेशकों से छोटी रकम निवेश करने के लिए कहा और उन्हें फर्जी ऐप में बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया। इससे लोगों का भरोसा बढ़ गया और कई निवेशकों ने बड़ी रकम निवेश कर दी।

फर्जी ऐप और वेबसाइट का इस्तेमाल

जांच में सामने आया है कि ठगों ने निवेशकों को एक नकली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा। इस प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करने के बाद निवेशकों को ऐसा दिखाया जाता था जैसे उनका पैसा शेयर बाजार में लगाया जा रहा हो। ऐप में ग्राफ, मुनाफे के आंकड़े और ट्रेडिंग हिस्ट्री भी दिखाई जाती थी, जिससे यह पूरी तरह असली प्लेटफॉर्म जैसा लगता था।

लेकिन असल में यह पूरा सिस्टम फर्जी था। निवेशकों का पैसा सीधे ठगों के बैंक खातों में ट्रांसफर हो जाता था। जब निवेशक अपने पैसे निकालने की कोशिश करते, तो उन्हें अलग-अलग बहाने देकर टाल दिया जाता था।

निवेशकों को ऐसे फंसाया गया

साइबर ठगों ने लोगों को फंसाने के लिए कई तरह की चालें चलीं। सबसे पहले उन्हें एक व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा जाता था, जहां रोजाना शेयर बाजार से जुड़े टिप्स और नकली स्क्रीनशॉट साझा किए जाते थे। इन स्क्रीनशॉट में दिखाया जाता था कि अन्य लोग इस प्लेटफॉर्म से लाखों रुपये कमा रहे हैं।

कुछ दिनों तक निवेशकों को छोटे-मोटे मुनाफे का दिखावा किया जाता था ताकि वे अधिक पैसे निवेश करें। जब निवेशकों ने बड़ी रकम जमा कर दी, तो ठगों ने उनसे संपर्क करना बंद कर दिया या फिर

पैसे निकालने के लिए अतिरिक्त शुल्क मांगने लगे।

1 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, इस गिरोह ने कई लोगों से मिलाकर करीब 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी की है। ठगी का शिकार बने कुछ निवेशकों ने जब अपने पैसे वापस लेने की कोशिश की और उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, तब उन्हें शक हुआ। इसके बाद पीड़ितों ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की जांच की जा रही है।

पुलिस की जांच और कार्रवाई

मामले की जांच Telangana Police की साइबर क्राइम टीम कर रही है। पुलिस ने बताया कि ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों का इस्तेमाल किया और कई डिजिटल वॉलेट के जरिए पैसे ट्रांसफर किए, ताकि उनका पता लगाना मुश्किल हो सके।

जांच एजेंसियां अब उन खातों की जानकारी जुटा रही हैं, जिनमें निवेशकों का पैसा ट्रांसफर किया गया था। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े हैं।

साइबर ठगी के बढ़ते मामले

पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी आई है। कई साइबर अपराधी फर्जी ट्रेडिंग ऐप, क्रिप्टो निवेश योजना या मल्टी-लेवल मार्केटिंग स्कीम के जरिए लोगों को फंसाते हैं। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए लोगों तक पहुंचना इन ठगों के लिए काफी आसान हो गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि निवेश से पहले किसी भी प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की जांच करना बेहद जरूरी है। केवल भरोसेमंद और सरकारी मान्यता प्राप्त प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करना चाहिए।

लोगों के लिए चेतावनी

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाले किसी भी निवेश प्रस्ताव पर तुरंत भरोसा न करें। अगर कोई व्यक्ति या संस्था कम समय में ज्यादा मुनाफे का वादा करती है, तो उससे सावधान रहना चाहिए।

इसके अलावा, किसी अनजान लिंक पर क्लिक करके पैसा निवेश करने से पहले उस प्लेटफॉर्म की पूरी जानकारी जांच लेना जरूरी है। अगर किसी को इस तरह की ठगी का सामना करना पड़ता है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

Mohd Osama
Author: Mohd Osama

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *