यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार तड़के रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिसमें कई शहरों को निशाना बनाया गया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हुई और 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक नुकसान राजधानी क्षेत्र कीव क्षेत्र में दर्ज किया गया, जहां ऊर्जा ढांचे, स्कूल, आवासीय भवन और कई व्यावसायिक इमारतें प्रभावित हुईं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने इस हमले में लगभग 430 ड्रोन और 68 मिसाइलें दागीं। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलें, क्रूज़ मिसाइलें और बड़ी संख्या में शाहिद ड्रोन शामिल थे। यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ हमले अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे कई क्षेत्रों में गंभीर क्षति हुई।
राष्ट्रपति Zelenskyy के अनुसार इस बार हमले का मुख्य निशाना यूक्रेन की ऊर्जा प्रणाली थी। Kyiv क्षेत्र में बिजली वितरण केंद्रों और ऊर्जा आपूर्ति नेटवर्क को नुकसान पहुंचा, जिसके कारण छह क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ऊर्जा मंत्रालय ने कहा कि कई इलाकों में आपातकालीन मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है, लेकिन पूरी व्यवस्था सामान्य होने में समय लग सकता है।
हमले से प्रभावित क्षेत्रों में Sumy, Kharkiv, Dnipro और Mykolaiv भी शामिल हैं। कई जगहों पर रिहायशी मकानों की खिड़कियां टूट गईं, स्कूलों की दीवारें क्षतिग्रस्त हुईं और व्यापारिक परिसरों में आग लग गई। स्थानीय प्रशासन के अनुसार कई परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया है। बचाव दल लगातार मलबा हटाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटा हुआ है।
यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि रूस ने जानबूझकर ऐसे समय हमला किया जब दुनिया का ध्यान मध्य पूर्व संकट की ओर है। राष्ट्रपति Zelenskyy ने आरोप लगाया कि रूस वैश्विक अस्थिरता का फायदा उठाकर यूरोप में और अधिक दबाव बनाना चाहता है। उन्होंने पश्चिमी देशों से अपील की कि यूक्रेन को और अधिक एयर डिफेंस सिस्टम तथा मिसाइल सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
इस हमले के बाद Poland ने भी अपने लड़ाकू विमान हवा में तैनात कर दिए। पोलैंड की सेना ने बताया कि यूक्रेन के नजदीक बढ़ती सैन्य गतिविधि को देखते हुए सुरक्षा के तौर पर fighter jets भेजे गए, हालांकि पोलिश हवाई क्षेत्र का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। यह कदम इस बात का संकेत है कि रूस-यूक्रेन युद्ध का असर पड़ोसी देशों की सुरक्षा रणनीति पर भी पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के सप्ताहों में रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की तीव्रता बढ़ाई है। पिछले सप्ताह भी रूस ने लगभग 480 ड्रोन और 29 मिसाइलों से हमला किया था, जिसमें कई नागरिक मारे गए थे। लगातार हो रहे इन हमलों का उद्देश्य यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था, रेलवे नेटवर्क और औद्योगिक क्षमता को कमजोर करना माना जा रहा है।
दूसरी ओर यूक्रेन भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। हाल के दिनों में यूक्रेन ने रूस के कुछ तेल भंडारण केंद्रों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं। रूस ने भी अपनी आंतरिक सुरक्षा बढ़ा दी है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठकें शुरू कर दी हैं। Vladimir Putin ने हाल ही में महत्वपूर्ण ढांचों की सुरक्षा की समीक्षा की थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले को लेकर चिंता बढ़ गई है। यूरोपीय देशों ने इसे युद्ध की नई गंभीरता बताया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इसी तरह बड़े हमले जारी रहे तो आने वाले महीनों में ऊर्जा संकट और मानवीय संकट दोनों गहरा सकते हैं। खासतौर पर सर्द मौसम या ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने पर आम नागरिकों की स्थिति और कठिन हो सकती है।
युद्ध के चार साल पूरे होने के करीब हैं, लेकिन अभी भी शांति वार्ता की कोई ठोस दिशा नहीं दिख रही। अमेरिका और यूरोपीय सहयोगी देश यूक्रेन को लगातार समर्थन दे रहे हैं, जबकि रूस अपनी सैन्य रणनीति को और तेज करता दिख रहा है। इस बीच दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में युद्ध और व्यापक रूप लेगा या कूटनीतिक प्रयासों से तनाव कम हो पाएगा।






