राजधानी दिल्ली में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक कारोबारी को ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का शिकार बना लिया गया। पुलिस के अनुसार ठगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताकर कारोबारी को भारी मुनाफे का लालच दिया और धीरे-धीरे उससे बड़ी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली। शुरुआती जांच में यह मामला संगठित साइबर गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है, जो सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाते हैं।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित कारोबारी को सबसे पहले एक मैसेज के जरिए संपर्क किया गया, जिसमें शेयर बाजार और IPO निवेश से कम समय में अच्छा लाभ दिलाने का दावा किया गया। इसके बाद उसे एक निजी ग्रुप में जोड़ा गया, जहां नकली चार्ट, फर्जी निवेश रिपोर्ट और मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए गए। कारोबारी को भरोसा दिलाया गया कि शुरुआती निवेश पर 20 से 30 प्रतिशत तक रिटर्न मिलेगा। इसी भरोसे में आकर उसने कई किश्तों में बड़ी रकम जमा कर दी। कुछ दिनों तक फर्जी पोर्टल पर मुनाफा भी दिखाया गया ताकि शक न हो।
जब कारोबारी ने अपने पैसे निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और सुरक्षा चार्ज के नाम पर और रकम मांगी। पीड़ित ने जब दोबारा भुगतान किया तब भी पैसा वापस नहीं मिला। बाद में वेबसाइट बंद हो गई और संपर्क नंबर भी बंद हो गए। इसके बाद कारोबारी ने दिल्ली पुलिस की साइबर शाखा में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे मामलों में ठग अक्सर फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं और रकम कई खातों में घुमाकर ट्रेसिंग मुश्किल बना देते हैं। हाल के महीनों में दिल्ली में 50 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के सैकड़ों मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें निवेश धोखाधड़ी सबसे ज्यादा सामने आई है।
जांच एजेंसियों को शक है कि इस मामले के तार दिल्ली से बाहर चल रहे अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। कई बार ऐसे गिरोह विदेशी संचालकों के निर्देश पर काम करते हैं और रकम को डिजिटल माध्यमों से विदेश भेजने की कोशिश करते हैं। पुलिस अब तकनीकी निगरानी, बैंकिंग रिकॉर्ड और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान निवेश योजना, WhatsApp ग्रुप, Telegram लिंक या मोबाइल ऐप पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक जांच जरूर करें। यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी हो तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए ताकि रकम फ्रीज कराई जा सके।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे और खुलासे हो सकते हैं तथा जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की उम्मीद है। 🚨💻📰








