संसद में बजट सत्र — राजनीति का गरमा‑गरम माहौल
भारत की राजधानी नई दिल्ली में संसद का बजट सत्र 2026 जारी है, और इसके बीच राजनीतिक गतिविधियाँ और बहसें (Political Debates) जोरों पर हैं। आज दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है, और विपक्ष तथा सरकार के बीच निरंतर टकराव का माहौल बना हुआ है।
सत्र के इस महत्वपूर्ण दौर में संसद का मुख्य एजेंडा राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव (Motion of Thanks) की बहस, इच्छा‑अनुमति चर्चा, और केंद्रीय बजट 2026‑27 से जुड़ी प्रमुख विषयों का विस्तार है। इस दौरान संसद भवन परिसर में राजनीतिक गरमाहट बढ़ी हुई दिखी है, जिसका असर सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह नजर आ रहा है।

📜 राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस
संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण को आधार बनाकर बहस चल रही है। राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, रोजगार, सामाजिक न्याय और विकास के विषयों पर सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया था। सरकार ने बताया कि उसने 95 करोड़ से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में लाया है और भ्रष्टाचार से लड़ने तथा कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
सरकार का कहना है कि भारतीय जनता की भलाई और समृद्धि के प्रयास लगातार जारी हैं और उन्होंने विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों का हवाला देते हुए अपनी नीतियों की समीक्षा की। विपक्ष ने हालांकि कई बिंदुओं पर सरकार की आलोचना की।
⚔️ विपक्ष की तीखी आलोचना
विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और अन्य मतदलों ने सरकार पर कई मोर्चों पर सवाल उठाए हैं। वे कह रहे हैं कि सरकार ने भारत‑अमेरिका के बीच व्यापार और रणनीतिक वार्ताओं के बारे में संसद को समय पर नहीं बताया। विशेषकर एक चर्चा में कांग्रेस ने यह आरोप लगाया कि अमेरिका की ओर से ट्वीटर या अन्य जगहों पर फैसलों की घोषणाएँ पहले हो जाती हैं, जबकि संसद को जानकारी नहीं दी जाती है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष सदन में लगातार आवाज उठा रहा है और सरकार से जवाब की मांग कर रहा है।
इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी एक प्रस्तावित “गुप्त व्यापार समझौता” को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। AAP का कहना है कि अगर यह समझौता कृषि उत्पादों के मुक्त आयात को बढ़ावा देगा तो इससे भारतीय किसानों पर भारी प्रभाव पड़ेगा। पंजाब AAP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि इससे घरेलू कृषि अर्थव्यवस्था को नुकसान होगा और यह देश के किसानों के हितों के विपरीत है।
🤝 लोकसभा और राज्यसभा में बहस का स्वरूप
आज के सत्र में लोकसभा ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को बिना प्रधानमंत्री के विस्तृत भाषण के पारित कर दिया। इसके बावजूद सदन में लंबी बहस और सवाल‑जवाब का क्रम जारी है।
राज्यसभा में सरकार और विपक्ष के बीच बहस थोड़ी लंबी और तीखी रही। भाजपा के सांसदों ने पिछले दस सालों में देश में कार्य संस्कृति में हुए बदलावों का हवाला दिया है और कहा कि इन नीतियों की वजह से गरीबी रेखा से कई लाख लोगों को बाहर निकाला गया है तथा विकास के प्रयास हुए हैं।
📣 संसद परिसर में राजनीतिक टकराव
आज संसद परिसर के मुख्य द्वार पर एक राजनीतिक विवाद भी देखने को मिला जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू के बीच तीखी जुबानी बहस हुई। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर आरोप‑प्रत्यारोप लगाए, जिसमें राहुल गांधी ने बिट्टू को “देशद्रोही” कहा तो बिट्टू ने गांधी को “राष्ट्रविरोधी” करार दिया। यह घटना राजनीतिक तनाव का प्रतीक बन गई है, और इसे आने वाले चुनावों और पार्टी रणनीतियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
इस प्रकार संसद न सिर्फ नीति‑निर्माण का मंच बन रहा है, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच सीधे टकराव और बयानबाज़ी का भी केंद्र बन गया है।
🧠 सत्र के आगे के एजेंडा
अब भी सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होनी है, जिनमें 2026‑27 के बजट प्रावधानों, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा, तथा देश की विदेश नीति की समीक्षा शामिल हैं। आज कमरे में मौजूद मंत्रियों ने ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि भारत के 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा मांग को पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी बदलाव के बावजूद ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने का वादा किया।
बजट सत्र के अगले दिनों में इन विषयों पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है, और यह देखा जा रहा है कि किस तरह से सरकार विपक्ष की आलोचनाओं का सामना करेगी और किस दिशा में नीतिगत निर्णय आगे बढ़ेंगे।
📊 विपक्ष‑सरकार रणनीति
संसद में जारी इस बहस को 2026 के राज्यसभा चुनावों और आगामी विधानसभा चुनावों के सन्दर्भ में भी देखा जा रहा है। वर्ष 2026 में कई राज्यों में चुनाव होने हैं और इसीलिए संसद में बहसें राजनीतिक दलों के लिए रणनीतिक महत्व रखती हैं।
विपक्ष यह प्रयास करेगा कि वह अपनी आलोचनाओं के माध्यम से जनता के बीच बेहतर स्थिति बनाए जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और नीतियों को आधार बनाकर मजबूत छवि पेश करेगी








