फरीदाबाद: शिक्षा और रोजगार के बीच मजबूत सेतु बनाने की दिशा में बुधवार को शीला देवी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एसडीआईएमटी) में एक भव्य जॉब फेयर का आयोजन किया गया। इस रोजगार मेले में सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया और विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने अपनी योग्यता, तकनीकी कौशल और व्यक्तित्व का प्रदर्शन किया। संस्थान परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों के लिए रोजगार के नए अवसरों के द्वार खोले और युवाओं में करियर के प्रति नई ऊर्जा भर दी।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. प्रवीण चुघ, ग्राम चांदपुर के सरपंच श्री सुरजपाल (भूरा) तथा गांव अलीपुर के सरपंच श्री सुशील द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। उद्घाटन समारोह में उपस्थित अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक ज्ञान, संचार क्षमता और आत्मविश्वास भी सफलता की कुंजी हैं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें उद्योग जगत की वास्तविक आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिलता है।
जॉब फेयर का संचालन संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के अधिकारी श्री सुशील मिश्रा और श्री प्रदीप पाठक के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें कंपनियों की चयन प्रक्रिया से परिचित कराना है। कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने विभिन्न पदों के लिए विद्यार्थियों के इंटरव्यू लिए। कई कंपनियों ने तकनीकी, प्रबंधन, प्रशासनिक और सेवा क्षेत्र से जुड़े पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया।
जॉब फेयर में छात्रों के लिए अलग-अलग काउंटर बनाए गए थे, जहां कंपनियों के प्रतिनिधि बायोडाटा की जांच कर रहे थे और विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर रहे थे। कई विद्यार्थियों ने पहली बार किसी कॉर्पोरेट इंटरव्यू का अनुभव प्राप्त किया। छात्रों ने आत्मविश्वास के साथ अपने कौशल और उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। कई कंपनियों ने मौके पर ही चयन सूची के अगले चरण के लिए विद्यार्थियों के नाम तय किए, जिससे छात्रों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
संस्थान के प्रिंसिपल डॉ. प्रवीण चुघ ने कहा कि आज के समय में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एसडीआईएमटी लगातार छात्रों के सर्वांगीण विकास पर काम कर रहा है, ताकि वे उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान में समय-समय पर सेमिनार, वर्कशॉप और करियर गाइडेंस कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
ग्राम चांदपुर के सरपंच श्री सुरजपाल (भूरा) ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को समान अवसर मिलना चाहिए और ऐसे आयोजन इस दिशा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के जॉब फेयर युवाओं को रोजगार के करीब लाने का प्रभावी माध्यम हैं।
गांव अलीपुर के सरपंच श्री सुशील ने भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि मेहनत, अनुशासन और धैर्य से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे अपने कौशल को लगातार बेहतर बनाते रहें, क्योंकि बदलते समय में नई तकनीकों और नई कार्यशैली को समझना जरूरी है।
कॉलेज चेयरमैन श्री रणदीप सिंह कुकरेजा ने आयोजन में भाग लेने वाली सभी कंपनियों, अतिथियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी ऐसे रोजगार उन्मुख कार्यक्रम निरंतर आयोजित करता रहेगा। उनका मानना है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ना शिक्षा संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एसडीआईएमटी का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों में उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कंपनियों के सामने स्वयं को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। कुछ छात्रों ने इसे अपने करियर की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अनुभव बताया।
जॉब फेयर के सफल आयोजन के बाद संस्थान प्रबंधन ने संकेत दिया कि आने वाले समय में और भी बड़े स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अधिक कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थान यदि उद्योग जगत से सीधा संवाद बनाए रखें तो विद्यार्थियों के लिए रोजगार की संभावनाएं काफी बढ़ सकती हैं।






