मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड में स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल बागेश्वर धाम में 15 फरवरी 2026, महाशिवरात्रि के अवसर पर ‘सप्तम कन्या विवाह महोत्सव’ आयोजित किया जाएगा।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इस सामूहिक विवाह समारोह में 300 निर्धन, अनाथ और दिव्यांग बेटियों का विवाह संपन्न कराएंगे।
इस अवसर पर बागेश्वर धाम तीर्थ ने सभी चयनित बेटियों की सूची भी जारी कर दी है।

सप्तम कन्या विवाह महोत्सव में नेपाल और पश्चिम बंगाल की बेटियां भी होंगी शामिल:
इस सामूहिक विवाह महोत्सव की धूम केवल मध्य प्रदेश तक ही सीमित नहीं है। इस आयोजन में नेपाल से लेकर पश्चिम बंगाल सहित देश के 10 राज्यों की बेटियों की शादी संपन्न कराई जाएगी।
चयनित सूची के अनुसार, मध्य प्रदेश से कुल 229 और उत्तर प्रदेश से 56 बेटियों को विवाह के लिए चुना गया है।
इसके अलावा, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, बिहार और पश्चिम बंगाल की बेटियां भी इस उत्सव में शामिल होंगी। वहीं, नेपाल की एक बेटी का विवाह भी बागेश्वर धाम में संपन्न कराया जाएगा।
बागेश्वर धाम में विवाह महोत्सव: दिव्यांग और अनाथ बेटियों को दी जाएगी प्राथमिकता
बागेश्वर धाम के महाराज पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मुंबई के भिवंडी स्थित सनातन मठ से बेटियों के नामों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में सेवा और समर्पण की अनोखी झलक देखने को मिलेगी।
सूची के मुताबिक, इस बार 60 बेटियों के माता-पिता नहीं हैं, 138 बेटियों के पिता नहीं हैं और 28 बेटियों की माता नहीं हैं।
सप्तम कन्या विवाह के लिए चुनी गई बेटियों के नाम सार्वजनिक
विवाह के लिए चयनित बेटियों में गुना की रंजीता, दिल्ली की राधिका, झांसी की नीलू और पूनम, छतरपुर की शिवानी, सपना और ज्योति, इंदौर की शिवानी और नेपाल की अस्मिता सुनार सहित कुल 300 बेटियों के नाम शामिल हैं।
इन सभी बेटियों के लिए बागेश्वर धाम पर विवाह की तैयारियां पहले ही शुरू कर दी गई हैं।






