भारत में कबड्डी का क्रेज किसी से छिपा नहीं है और जब बात महिला कबड्डी की आती है, तो पिछले कुछ वर्षों में इसमें जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इसी कड़ी में आयोजित महिला सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप में देशभर की टीमों ने अपने शानदार खेल से दर्शकों का दिल जीत लिया है। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर और प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबलों के बाद अब कई मजबूत टीमें क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह बनाने में सफल रही हैं, जिससे प्रतियोगिता और भी रोमांचक हो गई है।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में रेलवे, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसी अनुभवी और संतुलित टीमों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अंतिम आठ में प्रवेश किया। इन टीमों ने न सिर्फ रणनीतिक खेल दिखाया, बल्कि फिटनेस, तालमेल और आक्रामकता का भी शानदार उदाहरण पेश किया।
टूर्नामेंट के लीग चरण से ही मुकाबले काफी कड़े रहे। कई मैच आखिरी रेड और डिफेंस पर निर्भर रहे, जिससे दर्शकों की उत्सुकता लगातार बनी रही। रेलवे और हरियाणा जैसी टीमें शुरू से ही खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं और उन्होंने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला प्रदर्शन किया। वहीं महाराष्ट्र और तमिलनाडु की टीमों ने भी युवा खिलाड़ियों के दम पर कई मजबूत विरोधियों को मात दी।
मध्य प्रदेश और पंजाब की टीमों का सफर भी काबिले-तारीफ रहा। इन टीमों ने संतुलित रेड और मजबूत डिफेंस के जरिए कई अहम मुकाबले अपने नाम किए। खास बात यह रही कि कई नए चेहरे भी इस टूर्नामेंट में उभरकर सामने आए, जिन्होंने अपनी गति, ताकत और समझदारी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। इससे साफ है कि भारतीय महिला कबड्डी का भविष्य उज्ज्वल हाथों में है।

प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में कुछ मैच बेहद रोमांचक रहे, जहां जीत और हार का फैसला अंतिम मिनटों में हुआ। कई मुकाबलों में स्कोर का अंतर बहुत कम रहा, जिससे यह साबित हुआ कि अब टीमों के बीच स्तर का अंतर तेजी से कम हो रहा है। चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश जैसी टीमों ने भी अपने जुझारू खेल से यह दिखा दिया कि वे किसी भी बड़ी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखती हैं।
इस चैंपियनशिप का एक सकारात्मक पहलू यह भी रहा कि खिलाड़ियों की फिटनेस और तकनीक में साफ सुधार देखने को मिला। रेडर्स ने जहां तेजी और चतुराई से अंक बटोरे, वहीं डिफेंडर्स ने सटीक टैकल और मजबूत चेन बनाकर विरोधी टीमों पर दबाव बनाया। कोचों की रणनीतियां और खिलाड़ियों का अनुशासन भी इस टूर्नामेंट की सफलता का बड़ा कारण रहा।
अब जब क्वार्टरफाइनल की तस्वीर साफ हो चुकी है, तो मुकाबले और भी ज्यादा रोमांचक होने की उम्मीद है। सभी आठ टीमें खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगी और ऐसे में हर मैच फाइनल जैसा होगा। फैंस को भी आने वाले मुकाबलों में कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी।
महिला सीनियर नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप न सिर्फ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान कर रही है, बल्कि यह युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही है। जिस तरह से टीमों ने जज्बा और जुनून दिखाया है, उससे यह साफ है कि आने वाले समय में भारतीय महिला कबड्डी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी मजबूत पहचान बनाएगी।
कुल मिलाकर, इस चैंपियनशिप के अब तक के मुकाबले बेहद सफल और यादगार रहे हैं। क्वार्टरफाइनल में पहुंची टीमों ने यह साबित कर दिया है कि वे कड़ी मेहनत और समर्पण के दम पर किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं। अब सभी की निगाहें अगले दौर पर टिकी हैं, जहां सेमीफाइनल और फाइनल की राह और भी कठिन होने वाली






