सुबह या शाम? योग कब करें तो असर दोगुना होगा : आचार्य सुभाष चंद्र यादव

सुबह का योग आदर्श है लेकिन अगर आपकी दिनचर्या इजाजत नहीं देती तो शाम का योग भी कर सकते हैं। लेकिन दोनों में से कौन सा योग ज्यादा फायदेमंद है।

योग के लाभ बहुत हैं लेकिन निर्भरता योगाभ्यास के सही समय पर है। कितनी देर योग करें, उससे ज्यादा अहम है कि योग कब करें। सुबह का योग सदियों से परंपरा का हिस्सा रहा है लेकिन आधुनिक जीवन ने शाम के योग को भी जगह दी है। सुबह हो या शाम दोनों समय पर योग करने के अपने अपने फायदे होते हैं, बशर्ते सही मकसद के साथ किए जाए।

I.14 स तु दीर्घकालनैरान्तर्यसत्कारासेवितो दृढभूमि:
योग दर्शन

योग अभ्यास को लम्बे समय तक, लगातार, आदरपूर्वक ( श्रद्धा से ) पालन करने से साधक मजबूत स्थिति वाला ( दृढ़ ) बनता है ।


अगर आप योग के ज्यादा फायदे चाहते हैं तो ये जान लीजिए कि सुबह का योग या शाम का योग, आपके लिए ज्यादा असरदार क्या है? वैसे तो सुबह का योग आदर्श है लेकिन अगर आपकी दिनचर्या इजाजत नहीं देती तो शाम का योग भी कम नहीं है, बस ये समय अलग उद्देश्य पूरा करता है। योग का असली फायदा समय से नहीं, निरंतरता और चेतना से मिलता है। आइए जानते हैं सुबह और शाम किस समय का योग ज्यादा फायदेमंद है।

  • योगाचार्य सुभाष चन्द्र यादव “कैलाशी”
    संस्थापक सदस्य, पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार
    जिला प्रभारी, पतंजलि योग समिति,बदरपुर, नई दिल्ली
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Author: India Aaptak

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