कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से तबाही, 164 लोगों की मौत; राहत-बचाव अभियान जारी

बोगोटा: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया सोमवार को आए एक शक्तिशाली भूकंप के बाद भारी तबाही से जूझ रहा है। पश्चिमी कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के भूकंप ने कई शहरों और कस्बों में बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतें हिलने लगीं, कुछ इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे के नीचे फंस गए। मंगलवार को भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहा। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप में कम से कम 164 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों को आशंका है कि बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।

पश्चिमी कोलंबिया में सबसे ज्यादा तबाही

भूकंप का केंद्र सैन जोसे डेल पालमार के पास चोको क्षेत्र में बताया गया है। यह इलाका बोगोटा से करीब 400 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। भूकंप के झटके पश्चिमी कोलंबिया के कई हिस्सों में महसूस किए गए। कैली, पेरेइरा, क्विब्दो और मनिज़ालेस समेत कई शहरों में इमारतों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

रिपोर्टों के मुताबिक हजारों इमारतें प्रभावित हुई हैं और कई इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं। कुछ इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और संचार व्यवस्था बाधित होने के कारण राहत दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से चोको के दूरदराज और जंगल वाले इलाकों में नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश

भूकंप के बाद सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। सेना, पुलिस, दमकल विभाग और स्थानीय बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं। बचावकर्मी भारी मशीनों के साथ-साथ कई स्थानों पर हाथों से मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं।

राहत दलों ने कई लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले घंटों में बचाव अभियान बेहद महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों के जीवित मिलने की संभावना समय के साथ कम होती जाती है। इसी वजह से बचावकर्मी लगातार बिना रुके काम कर रहे हैं।

कई स्थानीय नागरिक भी राहत एवं बचाव कार्यों में प्रशासन की मदद कर रहे हैं। प्रभावित इलाकों में लोग अपने परिवार के सदस्यों और परिचितों की तलाश में अस्पतालों और राहत केंद्रों के बाहर जमा हैं।

अस्पतालों पर बढ़ा दबाव

भूकंप के बाद बड़ी संख्या में घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ अस्पतालों की इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। कई जगह अस्पतालों के बाहर भी इलाज की व्यवस्था करनी पड़ी।

कैली जैसे बड़े शहरों में बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की खबर है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को लगातार काम करना पड़ रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाए हैं।

कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था प्रभावित

भूकंप के कारण कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। कुछ स्थानों पर मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं बाधित होने से लोगों को अपने परिवारों से संपर्क करने में परेशानी हुई।

दूरदराज के इलाकों में नुकसान का सही आंकड़ा जुटाना भी प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जबकि कुछ रास्तों पर मलबा गिरने के कारण आवाजाही प्रभावित हुई है। यही वजह है कि राहत सामग्री और बचाव दलों को कुछ इलाकों तक पहुंचाने में समय लग रहा है।

आफ्टरशॉक का खतरा

मुख्य भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए हैं। इससे पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के गिरने का खतरा बढ़ गया है। बचाव दल भी काम करते समय विशेष सावधानी बरत रहे हैं।

प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों के अंदर नहीं जाने और खुले तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को किसी भी संभावित नए झटके के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

सरकार ने घोषित की आपात स्थिति

कोलंबिया के राष्ट्रपति अबेलार्डो दे ला एस्प्रीएला ने हालात को देखते हुए राष्ट्रीय आपात स्थिति घोषित की है। सरकार का मुख्य ध्यान राहत और बचाव अभियान को तेज करने, घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाने पर है।

सरकार ने सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को राहत कार्यों में लगाया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी, दवाइयां और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय मदद भी पहुंची

कोलंबिया में आई इस बड़ी प्राकृतिक आपदा के बाद कई देशों ने मदद की पेशकश की है। अमेरिका समेत अन्य देशों ने राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग की इच्छा जताई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहायता मिलने से कोलंबिया को प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

सबसे बड़ी चुनौती: मलबे में फंसे लोगों को बचाना

फिलहाल कोलंबिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों को बचाना है जो अभी भी क्षतिग्रस्त या ढही हुई इमारतों के नीचे फंसे हो सकते हैं। बचावकर्मी लगातार मलबे की जांच कर रहे हैं और हर संभावित स्थान पर जिंदगी की तलाश की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का अंतिम आकलन करने में अभी समय लगेगा। जैसे-जैसे दूरदराज के इलाकों से जानकारी सामने आएगी, मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।

7.4 तीव्रता के इस भूकंप ने कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में भारी तबाही मचाई है। 164 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हैं। राहत और बचाव अभियान दूसरे दिन भी जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालना और प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना है।

Mohd Osama
Author: Mohd Osama

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *