नई दिल्ली (25 जुलाई 2026): नीट-यूजी और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और छात्र संगठनों के उग्र होते प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर अभेद्य किलाबंदी कर दी है। प्रदर्शनकारियों को संसद की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के ऐसे अभूतपूर्व कड़े इंतजाम किए हैं, जो अमूमन अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर देखने को मिलते हैं। जयसिंह मार्ग, जनपथ और संसद मार्ग को जोड़ने वाले सभी मुख्य रास्तों पर कम से कम 6 से 7 लेयर की भारी बैरिकेडिंग की गई है। प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स को गिरा या खिसका न सकें, इसके लिए उन्हें आपस में मोटी लोहे की जंजीरों से बांधा गया है। इतना ही नहीं, सड़क की सतह पर लोहे की चौड़ी शीट्स बिछाकर उन्हें नट-बोल्ट, पेंच और बड़ी-बड़ी कीलों की मदद से डामर की सड़क में ठोंककर फिक्स कर दिया गया है। जंतर-मंतर के आसपास दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भारी तैनाती की गई है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर्स लीक मामले पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर संसद मार्ग और कनॉट प्लेस (CP) की ओर से लगातार हजारों छात्रों व कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट रही है। पूरे इलाके में धारा 163 (BNSS) लागू रहने और ड्रोन से निगरानी के बावजूद प्रदर्शनकारियों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिससे मध्य दिल्ली में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।

