
नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय क्रिकेट के सबसे शांत, भरोसेमंद और जुझारू बल्लेबाजों में शुमार पूर्व उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल (IPL) समेत खेल के सभी प्रारूपों से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 38 वर्षीय ‘जिंक्स’ (Jinks) के नाम से मशहूर रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश और वीडियो साझा करते हुए अपने दो दशक से अधिक लंबे क्रिकेट करियर को अलविदा कहा।
रहाणे ने अपने विदाई संदेश में फैंस और भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए लिखा:
“जिंदगी और खेल में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। कई बार मैदान पर हार मिली, लेकिन आपका जो अटूट प्यार मिला, उससे मैं कभी आपके दिलों में नहीं हारा। आज ‘कैप नंबर 278’ साइन ऑफ कर रहा है।”
‘देश को हमेशा खुद से ऊपर रखा’: भावुक हुए रहाणे
रहाणे ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि बल्लेबाजी में उन्होंने हमेशा सही टाइमिंग पर भरोसा किया है और अब उन्हें लगता है कि संन्यास लेने के लिए यही सही वक्त है।
“जिंदगी की सच्चाई यही है कि हर चीज की एक शुरुआत होती है और एक अंत। जब वह समय आता है, तो उसका सम्मान करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। मुंबई के डोंबिवली की गलियों और लोकल ट्रेनों से शुरू हुआ मेरा सफर सिर्फ भारत के लिए खेलने के एक सपने से जुड़ा था। मैंने अपने पूरे करियर में एक ही सिद्धांत अपनाया—देश और टीम को हमेशा खुद से ऊपर रखा।”
मेलबर्न का वो शतक और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का ऐतिहासिक चमत्कार
अजिंक्य रहाणे को भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा उनके जुझारूपन और संयमित कप्तानी के लिए याद रखा जाएगा। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी रही।
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एडिलेड के 36 रन के झटके से वापसी: एडिलेड टेस्ट में पूरी भारतीय टीम महज 36 रन पर सिमट गई थी और नियमित कप्तान विराट कोहली स्वदेश लौट चुके थे। ऐसे कठिन समय में रहाणे ने कार्यवाहक कप्तान के रूप में टीम की बागडोर संभाली।
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बॉक्सिंग डे टेस्ट (मेलबर्न): रहाणे ने दबाव के क्षणों में मेलबर्न में एक कप्तानी और जुझारू शतक (112 रन) जड़कर भारत को शानदार जीत दिलाई।
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गाबा में ऐतिहासिक जीत: चोटिल खिलाड़ियों से जूझ रही भारतीय टीम ने रहाणे के कुशल और शांत नेतृत्व में ब्रिस्बेन के ‘गाबा’ में ऑस्ट्रेलिया का 32 साल का अजेय रिकॉर्ड तोड़ा और 2-1 से सीरीज अपने नाम की।
अजिंक्य रहाणे का अंतरराष्ट्रीय करियर (Numbers & Stats)
भारत के लिए 2011 में वनडे और 2013 में टेस्ट डेब्यू करने वाले रहाणे ने विदेश में कठिन परिस्थितियों में हमेशा भारत का संकटमोचक बनने का काम किया। लॉर्ड्स, मेलबर्न, वेलिंगटन और डरबन जैसी मुश्किल और तेज पिचों पर उन्होंने यादगार पारियां खेलीं।
| प्रारूप (Format) | मैच (Matches) | रन (Runs) | औसत (Average) | शतक/अर्धशतक (100s/50s) |
| टेस्ट (Test) | 85 | 5,077 | 38.46 | 12 / 26 |
| वनडे (ODI) | 90 | 2,962 | 35.26 | 3 / 24 |
| टी20 (T20I) | 20 | 375 | 20.83 | 0 / 1 |
रहाणे ने 85 टेस्ट मैचों में 12 शतकों की मदद से 5,000 से अधिक रन बनाए। इसके अलावा वह टेस्ट क्रिकेट में भारत के सबसे सुरक्षित और बेहतरीन स्लिप फील्डरों में से एक रहे, जिनके नाम 100 से अधिक कैच भी दर्ज हैं।
घरेलू क्रिकेट और IPL में भी छोड़ी अपनी छाप
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा घरेलू क्रिकेट में मुंबई की कप्तानी करते हुए रहाणे ने रणजी ट्रॉफी में कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं। वहीं, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में राजस्थान रॉयल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने अपनी क्लासिक बल्लेबाजी से सबका दिल जीता।
रहाणे के संन्यास की खबर के बाद सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली, रोहित शर्मा और बीसीसीआई (BCCI) समेत क्रिकेट जगत के तमाम दिग्गजों ने उन्हें एक महान और सच्चे ‘जेंटलमैन’ क्रिकेटर के रूप में याद किया तथा उनकी दूसरी पारी के लिए शुभकामनाएं दीं।





